नयी दिल्ली, 3 अक्टूबर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'सत्याग्रह' नाम का एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसके जरिए देश का कोई भी नागरिक अन्याय के खिलाफ अपनी लड़ाई और अपने मुद्दे सीधे उन तक पहुंचा सकेगा। पार्टी के अनुसार, गांधी जयंती के मौके पर शुक्रवार को इसकी शुरुआत की गई।
शनिवार को 'एक्स' पर साझा किए गए संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि देश के कई हिस्सों में लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और अक्सर यह लड़ाई उन्हें अकेले लड़नी पड़ती है। 'सत्याग्रह' का मकसद इन सभी आवाजों को एक नक्शे पर जोड़ना है, ताकि स्थानीय आंदोलनों को राष्ट्रीय पहचान मिल सके। उन्होंने लिखा, "नेता प्रतिपक्ष के रूप में आपकी लड़ाई मेरी लड़ाई है। अब नए सत्याग्रह का समय है। बताइए, आप किन मुद्दों के लिए लड़ रहे हैं, मैं सुन रहा हूं।"
राहुल गांधी के अनुसार, जमीन, महिला अधिकार, दलितों और पिछड़े वर्गों के हक, शिक्षा और परीक्षाओं जैसे कई विषयों पर अलग-अलग जगह प्रदर्शन चल रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर नागरिक बता सकेंगे कि वे कौन हैं, उनके लिए क्या मायने रखता है और उनके अधिकारों की राह में कौन बाधा बन रहा है।
हर साझा किया गया मुद्दा 'सत्याग्रह मैप' पर एक पिन के रूप में दिखेगा। मुद्दे की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी, ताकि जनता की बात सड़क से संसद तक पहुंचे। राहुल गांधी ने कहा, "जहां सच को दबाया जा रहा है, वहां लोगों को उसके खिलाफ खड़े होने में मदद करना नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरी जिम्मेदारी है।" उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वे संसद में, सड़क पर या पत्र के माध्यम से लोगों के साथ खड़े रहेंगे।
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